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शिवभक्ति में डूबकर प्रेमानंद महाराज ने गाया शिव तांडव स्त्रोत


कहते है दुनिया में मुसीबत के समय जब सब साथ छोड़ देते है, तब सिर्फ एक ही जो मदद करता है। और वो होता है भगवान। संतो की वाणी है कि भगवान अपने बच्चों का साथ कभी नहीं छोड़ते हालांकि मनुष्य ही है जो अपने सुख और दुख को देखते हुए जरूर भगवान का साथ पकड़ता और छोड़ता रहता है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति एक बार भगवान का हाथ पूरे मन और विश्वास के साथ पकड़ लेता है, तो फिर भगवान भी अपने बच्चे का हाथ उसी विश्वास और प्रेम के साथ पकड़ते है, और उसके जीवन की बाग डोर संभाल लेते है। और जिसकी बाग डोर भगवान संभाल को फिर उसको दुनिया में कौन ही पराजित कर सकता है। आप उदाहरण स्वरूप अर्जुन को ही ले सकते है। जिसने 18000 अक्षौहिणी सेना को नहीं लिया सिर्फ भगवान को चुना। तो फिर भगवान ने भी अपने भक्त को जिताने के लिए साम, दाम, दंड, भेद के चारों तरीके अपनाएं लेकिन अर्जुन को पराजित नहीं होने दिया। और ये बात सिर्फ अर्जुन के लिए ही लागू नहीं होती है, अगर कोई भी व्यक्ति एक बार भगवान पर पूर्ण विश्वास करके कोई भी जिम्मेदारी उनको सौप देता है तो संतो की वाणी प्रमाण है कि भगवान उस काम का ठेका ले लेते है। अगर आप लोगों को और भी प्रमाण की आवश्यकता है तो आज के समय सबसे चिरपरिचित उदाहरण है स्वयं- वृंदावन में रहने वाले प्रेमानंद महाराज


जी हां, आप सब प्रेमानंद महाराज से तो बखूबी परिचित ही होंगे, या  उनके एकांतिक वार्ता या उनके प्रवचनों से जुड़े वीडियोज देखें ही होगें। और आपमें से कई लोग उनके जीवन के बारे में भी खूब जानते होगें, जिसमें एक बात को लेकर हमेशा ही हाइप क्रियेट की जाती है. और वो बात है भी ये कि प्रेमानंद महाराज की लगभग 18 साल पहले एक डॉक्टर ने ये बताया था कि उनकी दोनों किडनियां लगभग खराब हो चुकी है। और अब ज्यादा से ज्यादा उनके पास 2 से 3 साल का समय ही शेष बचा है। इसके बाद उनकी मृत्यु हो जाएगी। लेकिन चमत्कार ऐसा कि आप और हम जिस समय तक ये बात सुन रहे है तब तक भी, महाराज जी पूरी ताकत के साथ राधा रानी के गुणों का बखान करते है। और अपने आश्रम में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति से राधा रानी के नाम जप और भक्ति करने का आदेश देते है। लेकिन क्या आपको इस बात का पता है कि जो प्रेमानंद महाराज आज के समय में राधारानी के भक्ति में लीन रहते वे कभी बनारस के घाटों में रहकर भगवान शिव के उपासक थे और ज्ञान मार्ग में चलते थे। और अगर आप प्रेमानंद महाराज जी की शिवभक्ति को देखना चाहते है तो आपको प्रेमानंद महाराज वायरल हो रहा इस पुरानी वीडियो को जरूर देखना चाहते है। अभी हाल में भगवान शिव का महानपर्व महाशिवरात्रि का त्योहार बीता है। इस पर प्रेमानंद महाराज का सोशल मीडिया में एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियों में प्रेमानंद महाराज भगवान शंकर के परमभक्त रावण द्वारा की गई स्तुति शिव तांडव स्त्रोत का पाठ कर रहे है। और भगवान शिव की भक्ति में पूरी तरह लीन है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे प्रेमानंद महाराज भगवान शंकर के प्रेम में डूबे है। बता दें कि प्रेमानंद महाराज भगवान शंकर के बारे में बताते हुए कहते है कि भगवान शंकर उनके माता-पिता है। जिस तरह मायके में रहने वाली बेटी के माता-पिता एक सुयोग्य वर देखकर अपनी बेटी का कन्यादान करते है और उसके सुखमय जीवन की कामना करते है. वैसे ही मेरे पिता भोलेनाथ है और उन्होंने मुझे राधा रानी के पास भेज दिया। और अब हम अपनी प्रियतम-प्यारी के पास रहकर आनंद उड़ा रहे है।


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